डॉ० जय चन्द ‘उराड़ुवा’
सहायक प्राध्यापक एवं हहन्दी ववभागाध्यक्ष
डॉ. यशवंत ससंह परमार राजकीय महाववद्यालय नाहन जजला ससरमौर हहमाचल प्रदेश |
डॉ० जय चन्द ‘उराड़ुवा’ का जन्म हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जजले में ख़ुईनल नामक गाांव में 5 अक्टूबर िन् 1979 को एक ब्राह्मण ककिान पररवार में पपता श्री धमम सिांि शमाम एवां माता श्रीमती ि़ुरमी देवी के यिाां ि़ुआ ।आरांसिक सशक्षा गाांव की पाठशाला में िी िांपन्न ि़ुई ।कला स्नातक स्तर की सशक्षा राजकीय मिापवद्यालय पाांवटा िाहिब िे वर्म 2001 में उत्तीणम की
।पवश्वपवद्यालय में पि़ुांचकर डॉ० जयचांद की प्रगततशील िोच एवम् वैज्ञातनक दृजटटकोण में उत्तरोत्तर पररपक्वता आती चली गई ।पररणाम स्वरूप वर्म 2003 में एम० ए० (हिन्दी ) की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीणम की ।वर्ष 2005 में डॉ० चमनलाल ग़ुप्त के ननदेशन में ‘क़ुमार कृष्ण के काव्य में सामाजजक चेतना का स्वरूप’ ववर्य पर एम०फिल् की उपाधि प्रथम श्रेणी में पास की ।वर्ष 2005 मे हहमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजजत कॉलेज कैडर राज्य पात्रता परीक्षा पास की ।कपवता में गिन रूचच एवां िाहित्य में आलोचनात्मक दृजटटकोण के चलते आप
िाहित्य िृजन में िी आगे बढे ।िमकालीन हिांदी कपवता में गिन रुचच िोने के कारण आपने डॉ० शेखर शमाष के क़ुशल ननदेशन में वर्ष 2010 में ‘समकालीन हहंदी कववता में क़ुमार कृष्ण का काव्य’ ववर्य पर शोि– प्रबंि प्रस्त़ुत कर पी–एच० डी० की उपाधि प्राप्त की । वर्म 2012 में आपने इांहदरा गाांधी नेशनल ओपन पवश्वपवद्यालय िे बी०एड ०की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पाि की
। वर्ष 2012 में आपका चयन भार्ा अध्यापक के रूप में ह़ुआ ।वर्ष 2013 में आप बतौर सहायक प्रोिेसर हहंदी के पद पर चयननत ह़ुए ।
उपलजधियााँ:–
*आप की कववताएं देश की ववसभन्न पत्र-पत्रत्रकाओं में प्रकासशत हो च़ुकी हैं।
*शरत द्वारा संपाहदत प़ुस्तक ‘क़ुमार कृष्ण की कववता में ग्रामीण बोि’ में क़ुमार कृष्ण के साथ एक लंबा साक्षात्कार प्रकासशत ।
*‘क़ुमार कृष्ण के काव्य में फकसानी संवेदना’ आलोचना प़ुस्तक प्रकाशन संस्थान हदल्ली है ।
*‘वपता के झोले में गांव’ कववता-संकलन अभी प्रकाशनािीन है।
*‘समकालीन कववता में ग्रामीण बोि’ आलोचनात्मक प़ुस्तक शीघ्र प्रकासशत होगी ।
अन्य गनतववधियां:-
*‘वविा कला एवं सांस्कृनतक संस्था’ पााँवटा के वतषमान कायषकारी अध्यक्ष है ।
*‘उम्मीद कला एवं सृजन सरकार संस्था’ चंडीगढ़ के वतषमान उपाध्यक्ष है ।
* आप ननश़ुल्क साहहत्य के ववद्याधथषयों को पढ़ाते हैं उनका मागषदशषन करते हैं जजस कारण अभी तक 100 से अधिक ववद्याथी भार्ा अध्यापक की पात्रता परीक्षा पास कर च़ुके हैं । कई ववद्याथी आप के ननदेशन में नेट/जेआरएि और स्लेट की परीक्षा उत्तीणष कर च़ुके हैं ।
* आप कई राष्रीय सम्मेलनों में भाग ले च़ुके हैं ।
*भार्ा अध्यापक से लेकर हहंदी प्रवक्ता और सहायक प्रोफेसर के सलए आपके कई ववद्याधथषयों का चयन हो च़ुका है ।
*राष्रीय सशक्षा नीनत 2020 की टास्क िोसष कमेटी के सदस्य रह च़ुकें हैं ।
प़ुरस्कार:-
★वर्ष 2018 में हहमोत्कर्ष संस्था पांवटा साहहब के द्वारा आपको ववद्या ववशारद प़ुरस्कार प्राप्त हो च़ुका है ।
★वर्ष 2019 में आपको साहहत्य में उल्लेखनीय योगदान के सलए जजला ससरमौर शंखनाद मीडडया के द्वारा शंखनाद ववसशष्ट सम्मान प्राप्त हो च़ुका है ।
व्यावसानयक पता
डॉ॰ जय चन्द ‘उराड़ुवा’
सहायक प्राध्यापक एवं ववभागाध्यक्ष, हहन्दी ववभाग डॉ॰ यशवंत ससंह परमार राजकीय महाववद्यालय, नाहन जजला ससरमौर, हहमाचल प्रदेश
स्थायी सम्पकष
ग्राम – ख़ुईनल डाकघर – कमरऊ
तहसील – पांवटा साहहब
जजला – ससरमौर, हहमाचल प्रदेश वपन कोड – 173029
दूरभार् (मोबाइल) : 70181-37884, 97361-36970(भ्रमण ध्वनन) ईमेल : drjaichandsharma@gmail.com
